हरिद्वार। प्रदेश की सबसे हॉट सीट हरिद्वार लोकसभा पर चुनावी सर गर्मी तेज होती जा रही है भाजपा के सिंबल पर पिछली दो बार से लगातार सांसद रहे रमेश पोखरियाल का टिकट कटने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत को टिकट मिलने के बाद अब बसपा से मुस्लिम चेहरे की आने की संभावना के चलते चुनाव और भी दिलचस्प होता जा रहा है

वहीं खानपुर विधानसभा सीट से वर्तमान विधायक उमेश कुमार भी लोकसभा सीट पर दावा जाता रहे हैं हालांकि उनकी भी कांग्रेस से टिकट होने की चर्चा है लेकिन अभी कांग्रेस के पत्ते खुलने बाकी है सूत्र बताते हैं कि हरिद्वार लोकसभा सीट से कांग्रेस के टिकट के पूर्व मुख्य मंत्री हरीश रावत भी प्रबल दावेदार हैं, हालांकि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करण माहरा भी हरिद्वार लोकसभा सीट से टिकट की दौड़ में है लेकिन उमेश कुमार का कांग्रेस से टिकट आने की चर्चा से कांग्रेस के कार्यकर्ताओं में उथल-पुथल मची हुई है। इस रिपोर्ट में हम यही जानेंगे आखिर लगातार दो बार से सांसद रहे निशंक के टिकट के बाद त्रिवेंद्र को टिकट मिलने से भाजपा को क्या फायदा या नुकसान होगा और अगर उमेश कुमार का कांग्रेस से टिकट हो जाता है तो फिर कांग्रेस की स्थिति क्या रहेगी वहीं बसपा से मुस्लिम चेहरे आने से किस प्रकार पूरी चुनावी पटकथा बदल जाएगी ।

भाजपा से पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत के टिकट के क्या है मायने…

भाजपा देश की राजनीति में प्रबुद्ध रखने वाली ऐसी राजनीतिक पार्टी है है जो अपनी आईडियोलॉजी को केंद्र में रखते हुए समय- समय पर निसंकोच प्रयोग करने से नहीं जीझकती, पिछली दो बार से लगातार सांसद रहे डॉ० रमेश पोखरियाल निशंक का टिकट काटकर पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेद्र रावत को टिकट देकर भाजपा साफ संदेश देना चाहते हैं कि भाजपा में कोई भी नेता परमानेंट नहीं है।

वही देश भर में जिन लोकसभा सीटों पर भाजपा सत प्रतिशत चुनाव जीत रही है उन सीटों पर भाजपा ने अपने उम्मीदवार बदलने से गुरेज नहीं किया है, इससे साफ हो जाता है कि भाजपा 2024 का चुनाव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे पर ही लड़ेगी और जनता भी स्थानीय उम्मीदवार को ध्यान में न रखकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे पर वोट बीजेपी की ऐसी रणनीति रही है जिससे सीधे तौर पर भाजपा को फायदा होना तय है।

क्या उमेश कुमार के सर सज पाएगा सांसदी का ताज ?, कांग्रेस से टिकट होने की क्यों है चर्चा….

खानपुर विधानसभा सीट से वर्तमान विधायक उमेश कुमार विधानसभा चुनाव से महज 6 महीने पहले खानपुर की राजनीति में एंट्री कर दो दशक से ज्यादा प्रभुत्व रखने वाले पूर्व विधायक प्रणव सिंह चैंपियन की पत्नी को चुनावी मैदान में हराकर अपने राजनीतिक कौशल का लोहा मनवा चुके हैं. चुनाव जीतने के बाद थी लगातार जन कल्याणकारी कार्यक्रम के चलते उमेश कुमार का लोकप्रियता ग्राफ बढ़ा है.

उमेश कुमार लगातार जिले भर में आगामी लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए लोगों से वार्तालाप कर रहे हैं जहां उन्हें पॉजिटिव रिजल्ट भी देखने को मिल रहा है हालांकि हरिद्वार के रास्ते संसद तक पहुंचाने की डगर इतनी आसान नहीं है, वह भी एक निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में। एग्जिट पोल में फिलहाल हरिद्वार लोकसभा सीट से भाजपा चुनाव जीत रही है ओर उमेश कुमार एक पढ़े लिखे एवं डेटाबेस पर यकीन करने वाले राजनीतिज्ञों में से हैं उमेश कुमार भी बखूबी जानते हैं कि अगर उन्हें कांग्रेस से टिकट मिल जाता है तो उनके लिए यह डगर आसान हो जाएगी। सूत्र बताते हैं कि उमेश कुमार कांग्रेस हाईकमान के संपर्क में है और उन्होंने कांग्रेस में जाने के लिए सीधा टिकट की डिमांड कर दी है. लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री हरिश रावत के होने चलते यह है इतना आसान नहीं है।

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत क्या हो पाएगा टिकट, उमेश कुमार के कांग्रेस के टिकट में हरदा कैसे बन सकते हैं रोड़ा ..

पूर्व मुख्यमंत्री हरदा व खानपुर विधायक उमेश कुमार की अवादत किसी से छुपी नहीं है.. कांग्रेस में अपना पूरा जीवन दे चुके हैं हरीश रावत ने आयरन लेडी इंदिरा गांधी से लेकर राजीव गांधी के साथ कांग्रेस में कंधे से कंधा मिलाकर काम किया है. राजनिति से जुड़ा हर व्यक्ति जानता है कि कांग्रेस में हरीश रावत का क्या कद है, मुख्यमंत्री रहते हुए जिस प्रकार हरीश रावत ने खादर क्षेत्र में काम किया है उसके चलते स्थानीय लोगों के दिलों में हरीश रावत की कदर अलग ही है। ऐसे ही अनेक कारण है जिस कारण हरीश रावत टिकट के सबसे प्रबल दावेदार हैं,

पूरा प्रदेश जानता है कि उमेश कुमार के स्टिंग के बाद हरीश रावत की कुर्सी हिल गई थी और तभी से दोनों के बीच अवादत जारी है, अगर कांग्रेस अपने पुराने कार्यकर्ता को टिकट न देकर उमेश कुमार को टिकट देती है तो वह ऐसे मझधार में फस जाएगी जहां से निकलना कांग्रेस के लिए मुश्किल हो जाएगा क्योंकि अगर कांग्रेस उमेश कुमार को टिकट नहीं देती है तो उमेश कुमार सीधे तौर पर मुस्लिम वोट बैंक मे सेंध लगाएंगे और कांग्रेस को नुकसान पहुंचेगा और अगर टिकट दे देती है तो हरीश रावत के समर्थक उमेश कुमार को नहीं पचा पाएंगे। दोनों स्थिति में भाजपा को ही फायदा होना तय है। वही अगर हरीश रावत को टिकट हो जाता है तो जिस प्रकार बसपा से मुस्लिम चेहरे का लोकसभा पर आने की चर्चा है तो उससे भी पूरा चुनावी समीकरण बदल जाएगा।

क्या हरिद्वार लोकसभा सीट पर बसपा उतार सकती है मुस्लिम चेहरा..

हरिद्वार लोकसभा सीट पर लगभग 17 लाख वोट है जिस में अच्छी खासी संख्या मुस्लिम वोटरों की भी है जो कि लगभग 4.5 लाख है. वहीं लोकसभा सीट पर एससी वोट बैंक भी खाता प्रभुत्व रखता है ऐसे में बसपा किसी मुस्लिम चेहरे को चुनावी मैदान मे उतार कर पूरा चुनावी समीकरण बदल सकती है।

सूत्र बताते हैं कि बसपा से हरिद्वार लोकसभा सीट पर किसी मुस्लिम चेहरे की एंट्री हो सकती है और मुस्लिम व एससी वोट बैंक की खासी संख्या इन दावों को और मजबूत कर देता है। हालांकि राज्य गठन के बाद से ही बसपा लोकसभा चुनाव में कोई खास प्रदर्शन नहीं कर सकी । बसपा ने 2009 में मुस्लिम चेहरे के रूप में मोहम्मद शहजाद को चुनाव में उतार ओर 14 % वोट हासिल किया वही 2014 में फिर दोबारा मुस्लिम चेहरे पर दांव चलकर बसपा का ओर बुरा प्रदर्शन रहा जिसमें बसपा को मात्र 6% वोट मिला था। हालांकि 2024 के चुनाव में भी बसपा मुस्लिम चेहरे को चुनाव में उतारकर क्या करना चाहती है यह तो आने वाला समय ही बता पाएगा।

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